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Sr. No. Message
1 गेंहू (किस्म HI-1544) में  फ्लैग स्मट (पत्तियों पर काले धब्बे व जालीनुमा) रोग के नियंत्रण हेतु  प्रोपिकोनाज़ोल 25% EC या टेबूकोनाज़ोल 25.9% EC मात्रा 500 मिली/है 500 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें. के.वी.के., रायसेन.
2 गेंहू में सकरी व चौड़ी पत्ती के खरपतवार नियंत्रण हेतु (सल्फोसल्फ्यूरॉन 75% + मैटसल्फ्यूरॉन 20%) 40 ग्राम/है. या (क्लोडिनोफ़ॉप प्रोपाराइल 15% + मैटसल्फ्यूरॉन मिथाइल 1%) 400 ग्राम/है. 20 से 25 दिन की फसल पर 500 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़कें.के. वी. के., रायसेन.
3 किसानभाई शीतलहर से बचाव हेतु फसलों में स्प्रिंकलर से हल्की सिंचाई करें,  थायो यूरिया 500 ग्राम/हे. या घुलनशील सल्फर 300 ग्राम या सल्फर डस्ट 8-10 किग्रा प्रति एकड़ भुरकाव करें. के.वी.के., रायसेन.
4 किसानभाई शीतलहर व पाले से बचाव हेतु फसलों में स्प्रिंकलर से हल्की सिंचाई करें, रात्रि में खेत की मेड़ों पर कचरा जलाकर धुआँ करें,  थायो यूरिया 400-500 ग्राम/हे. या घुलनशील सल्फर 3 ग्राम + 1 ग्राम बोरॉन प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़कें. के. वी. के., रायसेन.
5 अरहर में फली छेदक कीट के नियंत्रण हेतु क्लोरेंट्रानिलिप्रोल 18.5 SC 150 मिली/हेक्ट. या इंडोक्साकार्ब 14.5 SC 500 मिली/हेक्ट. या फ्लूबेंडामिड 39.35 SP 125 मिली/हेक्ट. 600-700 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें. के.व्ही.के., रायसेन.
6 चने में इल्ली के नियंत्रण हेतु प्रोफेनोफोस 50 EC 1.25 ली/हे. या  इन्डोक्साकार्ब      15.8 EC 500 मिली/हे. दवा को 600-700 लीटर पानी मे घोल बनाकर छिड़कें. के.वी.के.,रायसेन.
7 किसानभाई रबी फसल कटाई के पश्चात फसल अवशेष (नरवाई) न जलाये तथा अपने खेतों की ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई मिटटी पलटने वाले हल, डिस्क प्लाऊ या रिवर्सेबल प्लाऊ द्वारा करें.के.व्ही.के., रायसेन.
8 जायद की मूंग में पत्ती काटने व खाने वाले भूमिगत कीटों से बचाव हेतु मिथाइल पैराथियान 1.5 % चूर्ण या क्विनालफॉस 1.5 % चूर्ण 10  किग्रा/एकड़ की दर से भुरकाव करें. के.व्ही.के., रायसेन.