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आगामी मौसम में पशुओें में खुरपका एवं मुंहपका के फैलने की सम्भावना रहती है अतः पशु पालकों को सलाह है कि पशुचिकित्सक की सलाह से टीकाकरण अवश्य करवाऐं एवं बकरियों में पी.पी.आर. का टीकाकरण करवाऐं. के.वी.के., रायसेन.
कद्दुवार्गीय सब्जियों (तरबूज व खरबूजा) में थ्रिप्स एवं एफिड के नियंत्रण हेतु फिप्रोनिल 80% WG की 2 ग्राम/15 लीटर पानी के साथ छिड़काव करें. के.वी.के., रायसेन.
आम में फूल और फल को झड़ने से रोकने हेतु NAA (प्लानोफिक्स) 4 मिली/15 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें. के.वी.के., रायसेन.
किसान भाई तुअर, मटर, तिवड़ा चने की फसल के बाद ग्रीष्मकालीन मूंग की बुवाई हेतु उन्नत किस्मों  IPM-205-7 (विराट), PDM-11, PDM-139 (सम्राट), HUM-9, HUM-12, HUM-16, IPM-406-7 (शिखा) आदि का चयन करें. के.वी.के., रायसेन.
किसानभाई रबी फसल कटाई के पश्चात फसल अवशेष (नरवाई)न जलाये तथा अपने खेतों की ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई मिटटी पलटने वाले हल, डिस्क प्लाऊ या रिवर्सेबल प्लाऊ द्वारा करें. के.वी.के., रायसेन.
जायद की मूंग में पत्ती काटने व खाने वाले भूमिगत कीटों से बचाव हेतु मिथाइल पैराथियान 1.5 % चूर्ण या क्विनालफॉस 1.5 % चूर्ण 10  किग्रा/एकड़ की दर से भुरकाव करें. के.वी.के., रायसेन.
आगामी मौसम में पशुओें में खुरपका एवं मुंहपका के फैलने की सम्भावना रहती है अतः पशु पालकों को सलाह है कि पशुचिकित्सक की सलाह से टीकाकरण अवश्य करवाऐं एवं बकरियों में पी.पी.आर. का टीकाकरण करवाऐं. के.वी.के., रायसेन.
मूंग में सफेद मक्खी के नियंत्रण हेतु  इमिडाक्लोप्रिड 17.8 SL 150 मिली/है. या थायोमिथाक्जाम 25 WBG  175 ग्राम/है. की दर से 500 लीटर पानी में घोलकर  छिड़काव करें. के.वी.के, रायसेन
भारत सरकार द्वारा दिनांक 11 से 14 अप्रैल, 2021 तक कोविड-19 महामारी के प्रसार के रोकथाम हेतु टीकाकरण का कार्यक्रम टीका उत्सव मनाया जा रहा है. सभी से निवेदन है कि 45 वर्ष या उससे अधिक आयु वाले पात्र लोग नजदीकी टीकाकरण केंद्र जाकर टीकाकरण अवश्य कराएँ. के.वी.के., रायसेन.
तेजी से फैलते कोरोना संक्रमण महामारी के प्रसार के रोकथाम हेतु समाजिक कार्यक्रमों व भीड़ वाले स्थानों पर न जायें, गर्म पानी पियें, सर्दी-जुकाम, सुखी खांसी या बुखार होनें पर चिकित्सक से सलाह लें, मुँह, नाक तथा आंखो को बार-बार हाँथ न लगायें, बाहर जानें पर मुँह और नाक को कपडे या मास्क से ढक कर निकलें, समय-समय पर हाथों को साबुन से धोएं अथवा सेनेटाईजर  का उपयोग करें.-  के.वी.के, रायसेन
COVID-19 के प्रकोप के दौरान उचित पोषण और जलयोजन महत्वपूर्ण हैं।  संतुलित आहार, प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है । इसलिए अपने भोजन में आवश्यक विटामिन, खनिज, आहार फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सिडेंट की भरपूर मात्रा व प्रतिदिन कई तरह के ताजे और असंसाधित खाद्य पदार्थों का सेवन करें।  पर्याप्त मात्रा में पानी पियें।  अधिक चीनी, वसा और नमक व पैक्ड फूड के सेवन से बचें। के.वी.के, रायसेन
मूंग की फसल मे फूल एवं पत्तियों को काटने एवं चबाने वाले कीट की रोकथाम हेतु  क्विनालफॉस 20 ई. सी. 400 मिली/एकड़ दवाई का छिड़काब करे. के.वी.के, रायसेन
अगर आपकी आयु 18 वर्ष से अधिक है, तो आप Covid-19 का टीका 1 मई 2021 से लगवा सकते हैं। टीका लगवाने के लिये https://selfregistration.cowin.gov.in/ या ArogyaSetu पर रजिस्टर करे।
#Register yourself पर जाकर मोबाईल नंम्बर की सहायता से रजिस्ट्रेशन करें। 
# फोटो युक्त पहचान पत्र (जैसे-आधार कार्ड/वोटर कार्ड आदि) रजिस्ट्रीकरण प्रक्रिया में साथ में रखे।
#Schedule Vaccination Appointment पर नजदीकी टीकाकरण केंन्द चुने।
# Appointment स्लिप को सभालकर रखे। चयनित दिनांक को सामाजिक दूरी के साथ टीकाकरण करवायें।. 
वरिष्ठ वैज्ञानिक व प्रमुख,
कृषि विज्ञान केंद्र, रायसेन (म.प्र.)
किसान भाइयों भण्डारण में होने वाली क्षति को रोकने के लिए अनाजों को साफ कर धूप में इतना सुखाएं कि उसमें 10 प्रतिशत से अधिक नमी न रहे। अधिक नमी रहने से फफूंद एवं कीटों का प्रकोप अधिक होता है। अनाज धूप में सुखाने के बाद दांत से तोड़ने पर कट की आवाज के साथ दो टुकड़ों में विभाजित होने पर अनाज भण्डारण के योग्य है। के.वी.के, रायसेन
कृषक महिलाएँ कटाई उपरांत आगामी वर्ष के बीज संग्रहण हेतु नमी प्रतिशत जाँच के पश्चात, बीज संग्रहण ग्रेन प्रो सुपर बैग में करें. के.वी.के, रायसेन
कृषक भाइयों एवं महिला कृषक शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए काली मिर्च, लौंग, हल्दी, अदरक, मीठी नीम का काढ़ा या सूखा पाउडर बनाकर पानी में घोलकर प्रयोग करें. के.वी.के, रायसेन
किसान भाई रबी फसलों की कटाई के बाद खाली खेत की मोल्ड बोल्ड हल से गहरी जुताई कर जमीन को खुला छोड़ दें जिससे सूर्य की तेज धूप से गर्मी होने के कारण मिट्टी में छिपे कीट  एवं रोगों तथा घास के बीज नष्ट हो जाएँ. मृदा एवं जल संरक्षण के लिए तालाब का गहरीकरण, खेत का समतलीकरण, एवं मेढ़बंदी का कार्य करा लें. के.वी.के, रायसेन
शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए अदरक, तुलसी, हल्दी, काली मिर्च को उबालकर काढ़ा बनाकर या सूखे पाउडर के रूप में प्रयोग करें. के.वी.के, रायसेन
शरीर में इम्युनिटी के स्तर को बढ़ाने के लिए आंवला चटनी, सूखा पाउडर, अचार या मुरब्बा नींबू शिकंजी, घर में बना संतरा जूस, फलों के रस का प्रयोग करें. के.वी.के, रायसेन
किसान भाइयों, अंकुर वृक्षारोपण म.प्र. शासन का महत्वाकांक्षी वृक्षारोपण कार्यक्रम है, जिससे जुड़ने के लिए एंड्राइड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से वायुदूत (Vayudoot) ऐप डाउनलोड कर पंजीयन कर लाभ लें. जिला प्रशासन, रायसेन
खरीफ फसलों में बुवाई के बाद कम पानी की स्तिथि में बचाव हेतु फसल अवशेष (भूंसा 2.5 टन/हे.) कतारों के बीच में डालें या रसायन पोटैशियम नाइट्रेट 1% या ग्लिसरॉल 5% का घोल बनाकर छिड़काव करें या कुल्पा/डोरा चलाकर नमी संरक्षण करें. के.वी.के, रायसेन
खरीफ फसलों में बुवाई के बाद कम पानी की स्तिथि में बचाव हेतु फसल अवशेष (भूंसा 2.5 टन/हे.) कतारों के बीच में डालें या रसायन पोटैशियम नाइट्रेट 1% या ग्लिसरॉल 5% का घोल बनाकर छिड़काव करें या कुल्पा/डोरा चलाकर नमी संरक्षण करें. के.वी.के, रायसेन
सोयाबीन में पत्ती काटने वाली इल्ली के नियंत्रण हेतु कीटनाशक  क्लोरएन्ट्रानिलिप्रोल 18.5 एस.सी  150 मिली/है. या क्विनालफॉस 25 ई.सी. मात्रा 1.5 लीटर/है. की दर से 500-600 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें. के.वी.के, रायसेन
सोयाबीन व उड़द में पीला मोज़ेक से बचाव व सफेद मक्खी के नियंत्रण हेतु  मिश्रित कीटनाशक थायोमिथाक्जाम  25 WG 150 ग्राम/है. या थायोमिथाक्जाम + लेमडासायहैलोथ्रिन 125 मिली/है. की दर से छिड़काव करें. के.वी.के, रायसेन
सोयाबीन की फसल फल्ली व दाना भरने की अवस्था पर है इस समय इल्ली के नियंत्रण हेतु इन्डोक्साकार्ब 14.5 एससी 300 मिली/है या फ्लूबेंडामाईड 39.35 एस.सी. 150 मिली/है या स्पाइनेटोरम 11.7 एससी 450 मिली/है. किसी एक दवा का छिड़काव करें. के.वी.के, रायसेन
तुअर की फसल में तनों व डंठल में काले-काले धब्बे दिखाई देने व पौधों के सूखने का कारण फाइटोप्थोरा ब्लाईट है. इसके नियंत्रण हेतु फफूंदनाशक दवा मेटालेक्जिल + मैन्कोजेब 1 ग्राम/लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें. के.वी.के, रायसेन
पशुपालन कार्य से जुड़ी कृषक महिलाएं दुधारू पशुओं से दुग्ध दोहन हेतु  रिवाल्विंग मिलकिंग स्कूल का प्रयोग करें जो कि श्रम को कम करके ऊर्जा और शक्ति की बचत करता है. के.वी.के, रायसेन